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ऋषिकेश। अपनी धरोहर न्यास की ओर से आठ और नौ सितम्बर को स्वामिनारायण आश्रम में धरोहर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें ढोल-दमाऊ वादन परंपरा, पारंपरिक खानपान, मातृशक्ति की भूमिका और लोक कलाकारों की आजीविका पर मंथन होगा।
सर्व व्यवस्था प्रमुख राजेश भट्ट ने बताया कि 8 सितंबर को अपराह्न 3 बजे से आरंभ सत्र में पारंपरिक भोजन और मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसमें यूकेएसएसएससी अध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल और प्रो. गुड्डी बिष्ट शामिल होंगी। शाम 6 बजे ढोल-दमाऊ की थाप के साथ गंगा आरती और विशेष स्मारिका का विमोचन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 सितंबर की सुबह 10ः30 बजे मुख्य सत्र में चंद्रबदनी से डॉ. सोहनलाल (तांबे का ढोल), बूढ़ा केदार से बचन दास (चांदी का ढोल) और बागेश्वर से विजय सार (लकड़ी का ढोल) के साथ दुर्लभ अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, मेयर शंभू पासवान, गणेश खुगशाल ’गणी’ और महामंडलेश्वर त्यागी बाबा मौजूद रहेंगे। इस दौरान संस्कृति संरक्षण में जुटे विशिष्ट जनों और कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा।
न्यास अध्यक्ष विजय भट्ट ने कहा कि ढोल वादकों को केवल सम्मान देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी आजीविका के लिए ठोस नीति आवश्यक है। व्यवस्था प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दिसंबर में कृषि और ग्रामीण परिवेश पर केंद्रित रूपरेखा बनाई जाएगी। मार्च में बूढ़ा केदार के मरवाड़ी क्षेत्र में ग्रामीण स्तर का कार्यक्रम होगा। ऋषिकेश के बाद हल्द्वानी और दिल्ली में भी संवाद आयोजित किया जाएगा।
