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ऋषिकेश। ऋषिकेश की स्थानीय अदालत ने चेक बाउंस के एक अहम मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 3 माह के सश्रम कारावास और 3 लाख 5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब परिवादी ने आरोपी को 2 लाख रुपए उधार दिए थे। बदले में आरोपी की ओर से जारी किया गया चेक बैंक में लगाने पर खाते में पैसा नहीं होने का कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर परिवादी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अधिवक्ता अभिनव सिंह मलिक ने बताया मामले की सुनवाई करते हुए अपर सिविल जज (जूडिशियल मजिस्ट्रेट) तानिया मिद्धा ने आरोपी नवीन प्रसाद भट्ट को दोषी करार दिया। अदालत के आरोपी को 3 माह का सश्रम कारावास 3 लाख 5 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि परिवादी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
“अदालत ने स्पष्ट किया कि चेक बाउंस केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि यह देश की बैंकिंग प्रणाली और आर्थिक विश्वास को भी प्रभावित करता है।
पैरवी का असर
परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अभिनव सिंह मलिक और एडवोकेट नवीन रतूड़ी ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते यह फैसला परिवादी के पक्ष में आया।
