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चंपावत। देवीधुरा स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वाराही धाम में शुक्रवार को ऐतिहासिक बग्वाल मेले का आयोजन किया गया। रक्षाबंधन पर आयोजित मेले में आस्था, परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मेले में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना की। उन्होंने देवीधुरा के बग्वाल मेले को उत्तराखंड की आस्था, लोक-संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बताया। कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम धामी ने बताया कि क्षेत्र में विगत पांच वर्षों में धार्मिक अवस्थापना और सौंदर्यीकरण के तहत ₹68.58 करोड़ की लागत से 397 कार्य किए गए हैं। उन्होंने देवीधुरा को नगर पंचायत बनाने की बात भी कही। कहा कि देवीधुरा में ₹9.80 करोड़ की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाएगा।
उन्होंने चार खाम-सात थोक के बीच खेले जाने वाले इस अनोखे प्राचीन पाषाण युद्ध का भी अवलोकन किया। रक्षाबंधन पर मेले में बालिकाओं और महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
वहीं, मां वाराही मंदिर में प्रधान पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बग्वाल की शुरुआत हुई। इसके बाद चारों खाम- वालिक (सफेद), चम्याल (गुलाबी), गहड़वाल (भगवा) और लमगड़िया (पीला) के बग्वालियों का प्रवेश हुआ। पारंपरिक वस्त्रों में सजे बग्वालियों के हाथों में बांस और रिंगाल से निर्मित ढालें थीं। शंखनाद और मां वाराही के जयकारों के बीच बग्वाल शुरू हुआ।
इससे पूर्व देवीधुरा हेलीपैड पर पारंपरिक लोकनृत्य छोलिया से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। वहीं, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, डीएम मनीष कुमार, एसपी रेखा यादव आदि मौजूद रहे।
