नए भवन के शुरू होने से मरीजों को इलाज और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुविधा मिलेगी: जिलाधिकारी

 

 

खबर काम की
देहरादून।  रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के उच्चीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। परियोजना के जल्द लोकार्पण से नागरिकों को उन्नत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

भवन निर्माण अंतिम चरण में

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रायपुर सीएचसी में ग्राउंड प्लस पांच मंजिला आधुनिक भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। नए भवन के शुरू होने से मरीजों को बेहतर वातावरण में इलाज और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुविधा मिलेगी।

बढ़ेंगी सुविधाएं और बेड क्षमता

नवनिर्मित सीएचसी भवन में 20 अतिरिक्त बेड जोड़े गए हैं। यहां ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, दवा वितरण केंद्र, टीकाकरण इकाई और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण काउंटर, ओपीडी और आपात सेवाओं के लिए 4 बेड की व्यवस्था की गई है। ऊपरी मंजिलों पर पुरुषों के लिए 8 बेड, महिलाओं के लिए 10 बेड और 4 प्राइवेट बेड बनाए गए हैं।

नवजात शिशुओं के लिए विशेष इकाई

सीएचसी में 4 बेड की नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (छठैन्) भी स्थापित की गई है, जिससे नवजात शिशुओं को समय पर और बेहतर चिकित्सकीय देखभाल मिल सकेगी।

प्रशिक्षण और बैठकों के लिए विशेष प्रबंध

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल और मीटिंग हॉल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, रैंप और व्हीलचेयर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।

तीन लाख की आबादी को सीधा लाभ

रायपुर सीएचसी के उच्चीकरण से भोपालपानी, थानो, शमशेरगढ़, नत्थुवावाला, मालदेवता, सरोना, बौठा सहित मसूरी की तलहटी के गांवों और टिहरी जनपद के उनियाल व आनंद गांव की लगभग तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इससे जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों पर दबाव भी कम होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सिंह रावत ने बताया कि उच्चीकरण के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। वर्तमान में 10 चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ कार्यरत हैं तथा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार फरवरी के अंत तक भवन पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। यह परियोजना राज्य सरकार की स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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