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कोटद्वार। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने काशीरामपुर तल्ला में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), हल्दूखाता में आयुर्वेदिक चिकित्सालय और कृषि उत्पादन मंडी समिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में पाई गई खामियों पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता में कमी या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी सबसे पहले काशीरामपुर तल्ला पहुंचीं, जहां उन्होंने 21 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन एसटीपी का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति, कार्य की गुणवत्ता और मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान सड़कें खुदी होने पर उन्होंने नाराज़गी जताई और एक माह के भीतर सड़कों को पूर्ववत करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित कर डामरीकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि स्थानीय लोगों को असुविधा न हो।
उन्होंने नीलकंठ और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में बन रहे एसटीपी की प्रगति की जानकारी भी ली। कहा कि गंगा व उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए सीवरेज प्रबंधन परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने हल्दूखाता में निर्माणाधीन 50 बेड के आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निरीक्षण किया। लगभग 17.58 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस चिकित्सालय का कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने अस्पताल परिसर में रैंप, लिफ्ट, पंचकर्म व योग वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी कक्ष और पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय पदों के सृजन और उपकरणों की मांग समय से भेजने के निर्देश दिए।
डीएम ने कृषि उत्पादन मंडी समिति का निरीक्षण कर मंडी शुल्क, व्यापारियों की सूची और आय-व्यय का विवरण भी देखा। उन्होंने चुंगी चेक प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, लंबित किराए की वसूली तेज करने तथा मंडी परिसर में पेयजल, सोलर लाइट जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
मौके पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, एसटीपी परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर एस.के. वर्मा, प्रोजेक्ट इंजीनियर दीपक वत्स, प्रभारी चिकित्साधिकारी आयुर्वेदिक डॉ. अंजना पंत आदि अधिकारी मौजूद रहे।
