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देहरादून (सीनियर रिपोर्टर)। पोक्सो कोर्ट की जज अर्चना सागर की अदालत ने मंगलवार को किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने व उसके साथ दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए पीड़िता को दो लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने का भी आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक अल्पना थापा ने बताया कि न्यायालय ने पीड़िता के बयानों और उसकी मेडिकल रिपोर्ट को सजा का प्रमुख आधार माना। मूल रूप से बिजनौर के विदुरकुटी क्षेत्र के गांव लखपतनगर निवासी देवेंद्र दून में सहसपुर थाना क्षेत्र में पीड़िता के घर के पास रहता था। वह नाबालिग को शादी का झांसा देकर पहले हरिद्वार और फिर बिजनौर ले गया था। जहां उसने कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता ने 12 फरवरी को बेटी के लापता होने का केस दर्ज कराया। पुलिस ने 15 मार्च 2019 को बिजनौर जिले से आरोपी को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के समय लड़की बालिग थी। वे दोनों शादी करना चाहते थे। कोर्ट ने दस्तावेज की जांच कर पाया कि घटना के वक्त पीड़िता की उम्र 15 वर्ष से कम थी।
