खबर काम की
नैनीताल (सीनियर रिपोर्टर)। उत्तराखण्ड के नैनीताल कलेक्ट्रेट पार्किंग क्षेत्र में सोमवार, 27 अप्रैल को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कार के अंदर अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। अधिवक्ता पूरन सिंह ने खुद को पॉइंट ब्लैंक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पूरन ने गाड़ी के डैशबोर्ड में सुसाइड नोट भी रख छोड़ा है। पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी। अधिवक्ता पूरन सिंह नैनीताल में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्टैम्प वेंडर का काम करते थे।
सुसाइड नोट भी बरामद
घटनास्थल से शव के हाथ से पिस्टल और कार के आगे डेसबोड से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा है। साथ ही सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी बीमारी से बहुत परेशान है। वह अब जिन्दगी की गाड़ी नहीं खींच पा रहा का।
सुसाइड नोट में लिखा: मैं इस बीमारी से दिन प्रतिदिन शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यधिक कमजोर हो गया हूं। एक वर्ष से संभलने की कोशिश कर रहा हूं। अब जीवन की गाड़ी को धकेलना असंभव हो चुका है। मेरी विशेषकर आयुक्त दीपक रावत, डी.एम., एस.एस.पी.समेत शहर के सभी मित्रों और अन्य साथियों से अनुरोध है कि मेरी पत्नी को ढांढस बंधा देना, ताकि वो कोई गलत कदम न उठाएं। मुझे माफ़ कर देना…’
