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देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं (ईएपी) की प्रगति की समीक्षा की। सीएस ने इसके तहत पूर्ण हो चुकी, गतिमान और भावी परियोजनाओं की जानकारी लेने के साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ईएपी के तहत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने को कहा।
मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट, फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), केंद्रीय वित्त मंत्रालय व भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी और आवश्यक कदम उठाने को भी कहा। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण करने के लिए मैनपावर और मशीन बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अतर्गत मसूरी और नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित करने की बात कही।
मुख्य सचिव ने तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया। कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाना चाहिए। इसके लिए ईएपी वित्त पोषित प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, साथ ही रिवर रेज्युविनेशन, पशुपालन, डेयरी और फिशरीज के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना आदि मौजूद रहे।
