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देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने स्टेज-2 के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल किया है। इससे अधूरी सड़कों को पूरा करने और सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि पूर्व व्यवस्था में स्टेज-1 यानी पहाड़ कटान के बाद स्टेज-2 के कार्यों की स्वीकृति भी नई सड़कों की तरह विधायकों की प्राथमिकता पर निर्भर करती थी। इसके कारण कई सड़कें वर्षों तक अधूरी रह जाती थीं। नालियों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, ढाल संरक्षण और सड़क सतह के अभाव में बरसात के दौरान यातायात बाधित होता था और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी।
महाराज ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत स्टेज-1 (पहाड़ कटान व डम्पिंग जोन) और स्टेज-2 (दीवारें, कल्वर्ट्स आदि) के कार्य एक साथ स्वीकृत किए जाएंगे। इससे भूस्खलन और वर्षाकालीन क्षति कम करने, सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने और बार-बार मरम्मत व पुनर्निर्माण पर सरकारी खर्च में कमी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित, मजबूत और सर्वकालिक सड़क संपर्क विकसित करना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
