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ऋषिकेश। दीपावली खुशियों, रोशनी और उत्साह का पर्व है। इस अवसर पर बच्चे और बड़े सभी पटाखे जलाकर त्योहार का आनंद लेते हैं, लेकिन आतिशबाजी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेगी आई केयर सेंटर के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. राजे नेगी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें और आतिशबाजी के दौरान स्वयं उनकी निगरानी करें।
डॉ. राजे नेगी ने कहा कि दीपावली पर पटाखों से आंखों में चोट, जलने और अन्य गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से रॉकेट, अनार, फुलझड़ी और तेज आवाज वाले पटाखों का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में बच्चों को पटाखे जलाने के सही तरीके और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा के लिए सुझाव
1. बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें: आतिशबाजी के समय बच्चों के साथ किसी जिम्मेदार बड़े व्यक्ति का होना जरूरी है।
2. खुले स्थान का चयन करें: पटाखे हमेशा खुले मैदान या खाली स्थान पर ही जलाएं। घर के अंदर, बालकनी या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखे जलाने से बचें।
3. पानी और रेत की बाल्टी रखें: किसी भी संभावित आग या दुर्घटना से बचाव के लिए पानी और रेत से भरी बाल्टी पहले से तैयार रखें।
4. सूती कपड़े पहनें: पटाखे जलाते समय सूती एवं शरीर से उचित फिटिंग वाले कपड़े पहनें। नायलॉन, सिंथेटिक और ढीले कपड़ों से बचें, क्योंकि इनमें आग जल्दी पकड़ सकती है।
5. अच्छी गुणवत्ता के पटाखे खरीदें: हमेशा विश्वसनीय दुकानों से अच्छी गुणवत्ता वाले पटाखे खरीदें और प्रतिबंधित आतिशबाजी से दूर रहें।
6. तेज आवाज वाले पटाखों से दूरी रखें: रॉकेट और तेज आवाज वाले पटाखे जलाते समय बच्चों को सुरक्षित दूरी पर रखें। पटाखों को हाथ में पकड़कर न जलाएं।
7. अधजले पटाखों को न छुएं: यदि कोई पटाखा नहीं जलता है तो उसके पास तुरंत न जाएं और उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें। इस्तेमाल किए गए पटाखों को सुरक्षित तरीके से पानी या रेत में डालकर निष्क्रिय करें।
डॉ. नेगी ने विशेष रूप से कहा कि यदि पटाखा जलाते समय किसी की आंख में चिंगारी या चोट लग जाए तो आंख को रगड़ें नहीं, उस पर दबाव न डालें और घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत नेत्र चिकित्सक या नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।
अंत में उन्होंने सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील की कि दीपावली का त्योहार खुशियों और रोशनी के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा को कभी नजरअंदाज न करें। हमारी थोड़ी सी सतर्कता बच्चों की आंखों की रोशनी और अनमोल जीवन को सुरक्षित रख सकती है।
