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ऋषिकेश (रिपोर्टर)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विश्व निद्रा दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने सलाह दी कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद लेना जरूरी है। कहा कि इसके लिए मोबाइल और सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल से बचने की जरूरत है।
शनिवार को एम्स के मनोरोग, पल्मोनरी विभाग और कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा निद्रा रोग के कारण, उपचार और निदान पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने ओपीडी एरिया में नुक्कड़ नाटक के मंचन से अच्छी नींद लेने और स्वास्थ्य पर असर की जानकारियां साझा की गई।
चिकित्सकों ने कहा कि अच्छी नींद लेने से कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, हम मानसिक तौर से भी स्वस्थ रहते हैं। अनिद्रा से शरीर की कार्यक्षमता में कमी आने लगती है। खासकर बच्चों में चिड़चिड़ापन आने लगता है। कहा कि नींद से संबंधित बीमारियों को नजरअंदाज न करें। इसमें हाई ब्लड प्रैशर, डायबिटीज और डिप्रेशन जैसी बीमारियां प्रमुख हैं। लक्षण हों तो चिकित्सकों से सलाह जरूर लें। चिकित्सकों ने कहा कि अच्छी नींद के लिए मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का कम से कम उपयोग किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम को डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्या श्री, प्रो. अनिन्द्या दास, प्रो. रवि गुप्ता, डॉ. लोकेश कुमार, प्रो. गिरीश सिंधवानी, प्रो. स्मृति अरोड़ा, डॉ. राकेश शर्मा ने संबोधित किया।
हफ्ते में लगता है तीन दिन स्लीप क्लीनिक
एम्स के मनोरोग विभाग में प्रत्येक मंगलवार, गुरूवार और शुक्रवार को नींद न आने से ग्रसित लोगों के लिए स्लीप क्लिनिक संचालित होता है। इस क्लीनिक में स्लीप लैबोरेट्री की व्यवस्था है। जिसके माध्यम से नींद न आने के कारणों का पता लगाकर उपचार किया जाता है।