देवभूमि ऋषिकेश शहर में मंदिर, स्कूल और गंगा घाट के 200 मीटर दायरे में ‘नो टोबैको जोन’

 

 

 

ऋषिकेश। तीर्थनगरी को स्वच्छ, पवित्र और स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में नगर निगम ने तंबाकू नियंत्रण पर ऐतिहासिक पहल की है। शहर में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को विनियमित करने के लिए विशेष उपविधि लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत अब शहर में तंबाकू बिक्री पर सख्त निगरानी और नियंत्रण किया जाएगा।

शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर शंभू पासवान की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मेयर पासवान ने कहा कि देवभूमि के द्वार और योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के रूप में ऋषिकेश की पवित्रता और नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। तंबाकू मुक्त ऋषिकेश की दिशा में यह कदम एक जिम्मेदार और अनुकरणीय पहल है।

बैठक में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण का यह मॉडल वर्तमान में देश के केवल 7-8 शहरों में ही लागू है। ऋषिकेश इस व्यवस्था को अपनाने वाला उत्तराखंड का पहला शहर बन गया है, जो जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में इसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।

मंदिर, स्कूल और गंगा घाट के 200 मीटर दायरे में पूर्ण प्रतिबंध

नगर निगम के अनुसार धार्मिक मर्यादा और नई पीढ़ी के स्वास्थ्य के दृष्टिगत अब किसी भी मंदिर परिसर, विद्यालय, शिक्षण संस्थान व गंगा घाट से 200 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदार का लाइसेंस निरस्त करने के साथ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

पंजीकरण अनिवार्य, जागरूकता पर भी जोर

नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि शहर में 134 दुकानों को तंबाकू विक्रय के लिए चिह्नित किया गया है। जिनमें से 18 का पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। शेष दुकानों को शीघ्र पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा बिना लाइसेंस बिक्री को अवैध माना जाएगा। बताया कि यह अभियान बालाजी सेवा संस्थान के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसके विशेषज्ञ तंबाकू से होने वाले कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति नागरिकों को जागरूक करेंगे।

बैठक में यह रहे मौजूद

बैठक में नगर निगम प्रभारी कर अधीक्षक भारती, बालाजी सेवा संस्थान से डॉ. सोनम, डॉ. राना जे. सिंह, मोर्गन क्रेहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

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