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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन व रख-रखाव और कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच व सत्यापन, जल गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं के नियमित संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने हर घर जल का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने और शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा में नल कनेक्शन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता प्रत्येक घर तक नियमित, पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचने से तय होगी।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन व लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने और जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। कहा कि प्रत्येक योजना की भौतिक व वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण व पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन और जलस्रोतों के पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रत्येक जनपद में जलापूर्ति संबंधी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था विकसित करने और योजनाओं के संचालन व रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने जनपदवार लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही तय करने और अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था व जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। राज्य की औसत प्रगति 92.46 प्रतिशत है और 1,015 योजनाएं प्रगति पर हैं। बताया गया कि 14.48 लाख में से 14.20 लाख परिवारों को कनेक्शन दिये जा चुके हैं। 14,979 गांवों में से 9,796 गांव में हर नल से जल का सत्यापन हो चुका है।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव रोहित मीणा, झरना कमठान आदि मौजूद रहे।
