मुख्यमंत्री: जनभागीदारी से तैयार होगा विकसित राज्य का रोडमैप, कई सुझाव आए

 

 

खबर काम की
पौड़ी। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो।

गुरुवार को जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का रोडमैप है। कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों सहित विभिन्न स्थानों पर सुझाव लिए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों और अन्य हितधारकों ने भाग लेकर आगामी बजट के लिए सुझाव दिए।

बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम ग्रामीण-शहरी विकास पर जोर संवाद के दौरान ग्रामीण विकास के लिए अनुदान बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुदृढ़ करने, सीवर लाइन और शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने और ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालित करने के सुझाव दिए गए। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी अवधारणा को प्रोत्साहन, पार्किंग, सफाई व्यवस्था सुधारने और आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

कृषि, उद्योग और पर्यटन के लिए सुझाव

कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को बढ़ावा देने, उच्च मूल्य फसलों, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज और क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहित करने की मांग उठी। जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा और जिलास्तर पर प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने के सुझाव भी सामने आए। उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान व स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही गई। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण, हेली सेवा विस्तार, वैकल्पिक मार्ग निर्माण और छोटे पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता जताई गई।

महिला सशक्तिकरण और ऊर्जा क्षेत्र

महिला समूहों के लिए प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज मुक्त ऋण और स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता की मांग की गई। ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ करने और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के सुझाव भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक राज्य को आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *