खबर काम की
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई में 92 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, फीस माफी और उपचार से जुड़े प्रकरण खास रहे। डीएम ने संबंधित विभागों को समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
एचडीसी कॉलोनी के 80 वर्षीय एल. एन. नौटियाल ने क्षेत्र में सीवर लाइन, सड़क और नाली निर्माण की खराब गुणवत्ता की शिकायत की। सीवर चैंबर धंसने और जलभराव की समस्या पर डीएम ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया। जनसुनवाई में अनुपस्थित पाए जाने पर उनके एक दिन के वेतन पर रोक लगाने सेके निर्देश दिए गए और एडीएम को जांच सौंपी गई।
मोथरोवाला के एक बुजुर्ग दंपत्ति ने न्यायालय आदेश के बावजूद मकान खाली न करने और उत्पीड़न की शिकायत की, जिस पर एसडीएम सदर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। राजीवनगर की वृद्धा मंजू देवी के मामले में ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज करने को कहा गया। अजबपुर कलां की विधवा सीमा उनियाल और डोईवाला की मीना क्षेत्री के प्रकरणों में भी जांच एवं ‘सीनियर सिटीजन एक्ट’ के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मीना क्षेत्री को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए ‘सारथी वाहन’ उपलब्ध कराया गया।
लख्खीबाग निवासी मोहम्मद यासीन के पुत्र की फीस माफी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय से समन्वय कर राहत दिलाने को कहा गया। तिपरपुर की बाला देवी की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर तहसीलदार को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए। दुर्घटना में घायल युवक के उपचार और आयुष्मान कार्ड की समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई।
लख्खीबाग निवासी मोहम्मद यासीन के पुत्र की फीस माफी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय से समन्वय कर राहत दिलाने को कहा गया। तिपरपुर की बाला देवी की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर तहसीलदार को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए। दुर्घटना में घायल युवक के उपचार और आयुष्मान कार्ड की समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई।
मोहकमपुर-लोअर नत्थनपुर क्षेत्र की जर्जर सड़कों, झूलते विद्युत तारों और अतिक्रमण की शिकायतों पर 10 मार्च तक रिपोर्ट तलब की गई। वहीं, केदारपुरम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जांच 15 मार्च तक पूरी करने के निर्देश दिए गए। देहरादून से डोईवाला होते हुए थानों तक स्मार्ट सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू न होने पर भी 17 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
