खबर काम की
ऋषिकेश। चेन्नई में 25 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच आयोजित हुई चार दिवसीय स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा अस्मिता खेलो इंडिया किकबॉक्सिंग लीग में तीर्थनगरी ऋषिकेश की रेनबुकई कराटे एकेडमी गीता नगर एवं रायवाला की छात्राएं दीया बिष्ठ, काजल चौधरी एवं सलोनी ने ब्रॉन्ज मैडल (कांस्य पदक) जीतकर एवं आरोही ने प्रतिभाग कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
प्रतियोगिता से वापस लौटी होनहार बेटियों एवं उनके कोच कमल सिंह बिष्ठ को देहरादून रोड स्तिथ अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के कार्यालय में महासभा अध्यक्ष डॉ राजे नेगी एवं उपाध्यक्ष वीरेंद्र नोटियाल ने माल्यापर्ण,शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर रेनबुकई एकेडमी के संस्थापक अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी एवं कोच कमल सिंह बिष्ठ ने कहा कि आज के समय में महिलाओं और बालिकाओं के लिए सेल्फ डिफेंस सबसे बड़ा हथियार है। किकबॉक्सिंग न केवल शारीरिक कौशल है, बल्कि यह आत्मविश्वास जगाकर स्वयं की रक्षा करने की शक्ति देता है।
डॉ. नेगी ने कहा कि ऋषिकेश में प्रतिभाओं की कमी नही है बस आवश्यकता है उनके हुनर को सही समय पर उचित पहचान मिलें। डॉ.नेगी ने शिक्षा के साथ खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन का अनिवार्य अंग है। खेल के माध्यम से युवा न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, बल्कि यह उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का भी सबसे सशक्त माध्यम है। किकबॉक्सिंग प्रतिभागी दीया, काजल,सलोनी एवं आरोही ने जानकारी देते हुवे बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा अस्मिता खेलो इंडिया किकबॉक्सिंग लीग का आयोजन पूरे भारतवर्ष के 150 जिलों में किया गया था। इसके बाद इसे चार ज़ोन में विभाजित किया गया और अंत में राष्ट्रीय प्रतियोगिता चेन्नई में आयोजित की गई। इस नेशनल प्रतियोगिता में पूरे देश से लगभग 500 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं में खेल और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस अवसर पर सुधीर चौधरी, अभिषेक गुप्ता, करण कुमार, मनोज नेगी, अलका बिष्ठ, दीपा गुप्ता उपस्थित थे।
