Dehradun: समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादें सुनीं, अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण: गढ़वाल आयुक्त 

 

खबर काम की
देहरादून।  गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादें सुनीं गई। अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा भी की गई। 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतें मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और इन्हें एक माह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। 36 दिनों से अधिक लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने को कहा।

बड़ी संख्या में बुजुर्गों के पहुंचने पर आयुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को शिकायत के लिए अधिक देर तक इंतजार न करना पड़े।

समाधान दिवस में सड़क, आपदा, जलभराव और अतिक्रमण से जुड़े मामले प्रमुखता से उठे। कालसी में स्वीकृत सड़कों का निर्माण शुरू कराने, सौंग नदी किनारे क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के लिए प्रस्ताव तैयार करने और बड़ासी ग्रांट में अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। अजबपुर कलां में जलभराव और डांडा लखौंड में संपर्क मार्ग अवरुद्ध करने की शिकायत पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मकान खरीद के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी, बुजुर्ग से मारपीट, ऋषिकेश में वर्ष 2007 से लंबित मुआवजे और पीएम सूर्य घर योजना में कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी जांच के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने अधिकारियों को स्थानीय समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने अवैध अतिक्रमण, भूमि कब्जे और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मौके पर डीएम डॉ आशीष चौहान, एडीएम अभिनव शाह, डीएफओ वैभव सिंह, एडीएम (वि.रा) केके मिश्रा, एडीएम (प्रशासन) स्मृता परमार, एसपी जगदीश पंत, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह, एसडीएम अपर्णा ढौडियाल आदि अधिकारी मौजूद रहे।