Dehradun: मुख्यमंत्री धामी ने पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने और पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं। वे स्थानीय समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझते हैं।
रविवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। सरकार जनप्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों के समाधान के लिए संबंधित विभागों से विचार-विमर्श कर सकारात्मक निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से हजारों लोगों को योजनाओं का लाभ मिला और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान हुआ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर ही विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखण्ड राजीव कंडारी, महासचिव गणेश चन्दोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायत निधि को फिर से शुरू करने, प्रतिनिधियों के मानदेय व भत्तों में वृद्धि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में ब्लॉक प्रमुखों को शामिल करने और ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में संबंधित पंचायतों से विचार-विमर्श करने की घोषणा की।
