सर्दियों में बढ़ता सिरदर्द: कारण, फिजियोथेरेपी समाधान और आहार की भूमिका

डॉ सिद्धार्थ कुड़ियाल
असिस्टेंट प्रोफ़ेसर एवं न्यूरोफिजियोथेरेपिस्ट

यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली पंजाब, इंडिया

 

खबर काम की
ऋषिकेश। सर्दियों के मौसम में सिरदर्द की समस्या आम हो जाती है। ठंड बढ़ने के साथ-साथ शरीर की मांसपेशियाँ सख्म होने लगती हैं, विशेष रूप से गर्दन और कंधों की मांसपेशियाँ। यही जकड़न आगे चलकर सिरदर्द का कारण बनती है। कई लोग इसे सामान्स ठंड का असर समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन यदि समय रहते इसका समाधान न किया जाए, तो यह समस्या क्रॉनिक सिरदर्द का रूप भी ले सकती है।

ठंड के कारण शरीर में रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे सिर और गर्दन तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती। इसके अलावा, ठंडी हवा सीधे चेहरे की नसों को प्रभावित करती है, जिससे ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। साथ ही, गलत पॉस्चर, मोबाइल का अधिक प्रयोग, तनाव और पानी की कमी भी सिरदर्द को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।

सिरदर्द में फिजियोथेरेपी की भूमिका
फिजियोथेरेपी सिरदर्द के उपचार का एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। इसके अंतर्गत किए जाने वाले व्यायाम मांसपेशियों की जकड़न को कम करते हैं, रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और नसों पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं।

नीचे कुछ महत्वपूर्ण फिजियोथेरेपी व्यायाम दिए गए हैं, जो सर्दियों में सिरदर्द से राहत देने में सहायक हैं।

1. नेक साइड बेंड स्ट्रेच (नेक साइड बैंड स्ट्रेच)

कैसे करें: सीधे बैठ जाएँ या खड़े हों। धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर झुकाएँ, जैसे कान को कंधे की ओर ले जा रहे हों। इस स्थिति में 8-10 सेकंड रुकें। फिर धीरे से सिर को सीधा करें और यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएँ।
कितनी बार करें:
दोनों ओर 5-6 बार

फ़ायदा
यह व्यायाम गर्दन की साइड मसल्स की जकड़न को कम करता है और टेंशन हेडेक में राहत देता है।

2. नेक फॉरवर्ड और बैकवर्ड स्ट्रेच

कैसे करें:
सीधे बैठकर धीरे-धीरे ठुड्डी को छाती की ओर झुकाएँ। 5-7 सेकंड रुकें। फिर सिर को पीछे की ओर ले जाएँ और ऊपर की ओर देखें।

कितनी बार करें: 5-6 बार
फ़ायदा:

यह गर्दन की आगे और पीछे की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है, जिससे सिर भारी लगने की समस्या कम होती है।
3. चिन टक एक्सरसाइज (चीन टक एक्सरसाइज)

कैसे करें:

दीवार के सहारे खड़े हो जाएँ। सिर और पीठ दीवार से सटी होनी चाहिए। अब बिना सिर झुकाए ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचें, जैसे डबल चिन बना रहे हों। 5 सेकंड रोकें और फिर छोड़ दें।

कितनी बार करें:10-12 बार

फ़ायदा
यह गर्दन की गहरी मांसपेशियों को मजबूत करता है और गलत पॉस्चर से होने वाले सिरदर्द को कम करता है।

4. शोल्डर रोल एक्सरसाइज
कैसे करें:

सीधे बैठें या खड़े हों। दोनों कंधों को एक साथ ऊपर उठाएँ, फिर पीछे की ओर गोल घुमाते हुए नीचे लाएँ।
इसके बाद यही प्रक्रिया आगे की ओर करें।

कितनी बार करें:
आगे 10 बार, पीछे 10 बार
फ़ायदा:

कंधों और गर्दन के तनाव को कम करता है, जिससे सिरदर्द में आराम मिलता है।
5. डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज
कैसे करें:

आराम से बैठ जाएँ। नाक से गहरी सांस लें, पेट को फैलने दें। 4-5 सेकंड सांस रोकें और फिर मुँह से धीरे-धीरे
सांस छोड़ें।

कितनी बार करें:
5-10 मिनट तक
फ़ायदा
मानसिक तनाव को कम करता है, नसों को शांत करता है और स्ट्रेस-इंड्यूसह हेडेक में बहुत प्रभावी है। 6. गर्म सिकाई (हॉट फॉमेंटेशन)
कैसे करें:
गर्म पानी की थैली या तौलिया लेकर गर्दन और कंधों पर रखें।
समय:10-15 मिनट
फ़ायदा
मांसपेशियों की जकड़न कम होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।

सिरदर्द से बचाव में आहार की भूमिका

सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म और हाइड्रेट रखना बेहद ज़रूरी है। गुनगुना पानी, अदरक-तुलसी की चाय, हरी सब्जियों और ताजे फल सिरदर्द से बचाव में मदद करते हैं। मैग्मीशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला, बादाम और अखरोट नसों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। अत्यधिक चाय-कॉफी, जंक फूड और बहुत ठंडे पेय पदार्थों से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
सर्दियों में होने वाला सिरदर्द केवल मौसम का प्रभाव नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली, पॉस्चर और देखभाल से जुड़ा हुआ विषय है। सही फिजियोथेरेपी व्यायाम, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर सिरदर्द से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है। समय पर जागरूकता और सही मार्गदर्शन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

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