कागजों तक ही सीमित न रहें योजनाएं, बल्कि गांवों तक दिखाई देना चाहिए असर: अनिल बलूनी

 

 

खबर काम की
पौड़ी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विकास योजनाओं से ज्यादा फोकस आमजन से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहा। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर गांवों तक दिखाई देना चाहिए।

विकास भवन सभागार में दिशा की बैठक में सांसद अनिल बलूनी ने अधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा की। सबसे अधिक चर्चा पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं और संचार नेटवर्क पर हुई। सांसद ने  जल संस्थान अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में हर वर्ष गर्मियों में पेयजल संकट गहराता है, वहां तत्काल टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अधूरी पेयजल योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा करने को कहा। जयहरीखाल क्षेत्र की पेयजल समस्याओं पर भी विशेष चर्चा हुई।

एक माह में तैयार करें स्थायी योजना
सांसद बलूनी ने भविष्य की जरूरतों को मद्देनजर पेयजल पंपिंग योजनाओं की अग्रिम तैयारी करने और एक माह के भीतर स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। वहीं बरसात से पहले लैंडस्लाइड प्रभावित मोटर मार्गों पर सुरक्षा कार्य पूरा करने और आपदा प्रबंधन के लिए मशीनरी तैयार रखने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा के दौरान चिकित्सकों की उपलब्धता, आईसीयू, डायलिसिस सेवाओं और 108 एंबुलेंस संचालन पर चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कोटद्वार डायलिसिस सेंटर में अतिरिक्त बेड बढ़ाने की जरूरत उठाई, जिस पर सांसद ने पौड़ी और कोटद्वार दोनों स्थानों पर क्षमता विस्तार के प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

बीएसएनएल नेटवर्क और खेल सुविधाओं पर फोकस
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के डार्क जोन में खराब मोबाइल नेटवर्क का मुद्दा भी उठा। सांसद ने बीएसएनएल अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर नेटवर्क व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वहीं ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

यह रहे बैठक में मौजूद
जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। जबकि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत वर्चुअल शामिल हुए।