वेतन न मिलने पर भड़के पर्यावरण मित्र, गुरुवार से रहेंगे हड़ताल पर

 

खबर काम की
स्वर्गाश्रम-जौंक (रिपोर्टर)। जस्टिन ग्लोबल सर्विसेज जो दिल्ली शाहदरा की कंपनी है फिर से एक बार नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक में चर्चाओं में है ये वही कंपनी है जिसके ख़िलाफ़ 11 मई के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रक्षिशु अधिवक्ता शुभम झा ने वित्तीय अनियमता और भर्ष्टाचार का आरोप लगा था। इस बार उनके कर्मचारियों ने ही 3 माह से वेतन न मिलने पर भड़के हुए है और वे कंपनी के साथ ही नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि आज शाम तक वेतन नहीं मिला तो कल सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। पर्यावरण मित्रों ने इस संबंध में नगर पंचायत के ईओ को एक पत्र भी सौंपा है जिसपर जल्द कारवाई का भरोसा ईओ साहब ने दिया है। उन्होंने कहाँ कि जस्टिन ग्लोबल को लेटर भेज दिया सैलरी देने के लिए अगर नहीं देता है तो ब्लैकलिस्टेड की करवाई की
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक में ठेके के तहत कार्यरत कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे गया है। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने नगर पंचायत कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक दिन में उन्हें तीन महीने के लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वह 28 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक को सौंपा है। जिसकी प्रतिलिपियां उपजिलाधिकारी यमकेश्वर, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड और थाना अध्यक्ष लक्ष्मणझूला को भी भेजी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वह लंबे समय से मौखिक और लिखित रूप से अनुरोध कर रहे है, लेकिन उनकी जायज मांगों को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है। विवश होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है। कर्मचारियों ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं और वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हैं, तो इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी। ​ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश, महेंद्र पाल, समीर, कमल कुमार, रजत, रवि कुमार, अजय कुमार, विपुल कुमार सहित नगर पंचायत के समस्त कर्मचारी शामिल रहे। मामले में अधिशासी अधिकारी दीपक कुमार शर्मा का कहना है कि उन्होंने मार्च की तनख्वाह ठेकेदार को दे दी है। यदि वह कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं दे रहा है तो उसके खिलाफ ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

 

​कर्मचारियों की मुख्य यह है मांगे:

पिछले तीन महीने से ठेकेदार द्वारा रोका गया वेतन तुरंत दिया जाए। फरवरी माह से रोके गए पीएफ का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उत्तरकाशी और नगर निगम देहरादून की तर्ज पर नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक के कर्मचारियों को भी 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वेतन दिया जाए। VIP ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों से लगातार काम लिया जाता है, लेकिन उनके भोजन की कोई व्यवस्था नहीं होती। अतः ड्यूटी के दौरान भोजन की व्यवस्था की जाए। समस्त कर्मचारियों को धुलाई भत्ता प्रदान किया जाए। महिला कर्मचारियों को भी पुरुष कर्मचारियों की भांति ही नियमित काम पर रखा जाए। अवकाश के दिनों में या तय समय के बाद ड्यूटी पर बुलाए जाने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम भत्ता दिया जाए। सफाई नायकों का वेतन भी ड्राइवरों की भांति बढ़ाकर दिया जाए। समस्त कर्मचारियों को जल्द से जल्द E.S.I. और E.P.F. कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और इसके लिए एक विशेष कैंप का आयोजन किया जाए।

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