Rishikesh: एम्स ऋषिकेश ने रचा इतिहास,गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

35 किलोग्राम वजन का बोन ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला

 

खबर काम की
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। चिकित्सकों ने दुनिया के अब तक के सबसे अधिक वजनदार बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी कर यह कीर्तिमान हासिल किया।

एम्स के मुताबिक, यह जटिल सर्जरी 9 जून 2025 को की गई थी, जिसमें 27 वर्षीय एक मरीज की बाईं जांघ से लगभग 35 किलोग्राम वजन का बोन ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित धींगरा, सीटीवीएस विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अंशुमान दरबारी और बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधुवरी वाथुल्या समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अंजाम दिया।

एम्स ऋषिकेश द्वारा यह जानकारी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को भेजी गई थी। परीक्षण और सत्यापन के बाद गिनीज बुक ने इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए चिकित्सकीय टीम को प्रशस्ति पत्र जारी किया है।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि यह केवल एम्स ऋषिकेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कहा कि संस्थान मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2002 में भारत में 16.5 किलोग्राम वजन के ट्यूमर की सर्जरी को सबसे बड़ा माना जाता था, जिसे अब एम्स ऋषिकेश ने पीछे छोड़ दिया है।

 

 

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