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देहरादून। सेवा इंटरनेशनल की ओर से सेलाकुई स्थित माया देवी यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों, भ्रांतियों और कानूनी प्रावधानों के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. अंबिका जुयाल, लॉ कॉलेज के डीन डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. आरती रौथान और सेवा इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों ने किया। मास्टर ट्रेनर लोकेन्द्र बलोदी ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि इस पहल का मकसद ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करना है।
संयोजक प्रदीप नेगी ने बताया कि कार्यशाला भारत सरकार के समाज कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के मॉड्यूल पर आधारित है। कार्यशाला में छात्रों ने नाटक के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक अनुभवों को प्रस्तुत किया।
वक्ताओं ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और नियम 2020 की जानकारी दी। साथ ही समुदाय की सदस्य ने अपने अनुभव साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र में 50 छात्रों ने प्रतिभाग किया। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर सिम्स इंस्टीट्यूट के डॉ आराधना, डॉ. हर्ष गोस्वामी, सेवा इंटरनेशनल से संजय बुटोला, मनोज बेंजवाल आदि मौजूद रहे।
